'कि/की' में अंतर
'कि' एवं 'की' में बहुत अंतर है। 'कि' योजक है, जबकि 'की' संबंधकारक की विभक्ति अथवा करना (क्रिया) का भूतकालिक रूप। कभी-कभी 'कि' का प्रयोग प्रश्नसूचक के रूप में भी होता है। वाक्य लिखने के क्रम में विद्यार्थियों को बड़ी दुविधा हो जाती है कि-'कि' लिखें या 'की'। अतः इनके प्रयोग को समझें -
(i) संबंधकारक के रूप में (की) -
(क) उसकी कलम अच्छी है।
(ग) राम की गाय अच्छी है।
(ख) आपकी किताब नई है।
(घ) गाय की पूँछ लंबी है।
(ध्यान दें - 'की' के द्वारा सर्वनाम-संज्ञा अथवा 'संज्ञा-संज्ञा' का संबंध बतलाया गया है।)
(ii) क्रिया के रूप में (की) -
(क) उसने मेरी शिकायत की।
(ख) आपने उसकी पिटाई की।
(iii) योजक के रूप में (कि) -
(क) उसने कहा कि मैं पढ़ने जाऊँगा।
(ख) यही कारण है कि वह खेलना नहीं चाहता।
(ग) वह हमेशा कहता था कि आप मेरी मदद करें।
(ध्यान दें - 'कि' के द्वारा दो वाक्यों को जोड़ा गया है।)
(iv) प्रश्नसूचक के रूप में -
(क) तुम पढ़ोगे कि नहीं?
(ख) राम गाता है कि बजाता है?
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